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तुंगनाथ मंदिर पाण्‍डवों ने भगवान शिव को प्रसन्‍न करने के लिए स्‍थापित किया था


तुंगनाथ' उत्‍तराखंड के गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक पर्वत है। इसी पर्वत पर स्थित है 'तुंगनाथ मंदिर।' यह भोलेनाथ के पंच केदारों में से एक है।

तुंगनाथ' उत्‍तराखंड के गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक पर्वत है। इसी पर्वत पर स्थित है 'तुंगनाथ मंदिर।' यह भोलेनाथ के पंच केदारों में से एक है। मंदिर के निर्माण के बारे में जानकारी मिलती है कि इसे पाण्‍डवों ने भगवान शिव को प्रसन्‍न करने के लिए स्‍थापित किया था। इसके पीछे कथा मिलती है कि कुरुक्षेत्र में हुए नरसंहार से भोलेनाथ पाण्‍डवो से रुष्‍ट थे तभी उन्‍हें प्रसन्‍न करने के लिए ही इस मंदिर का निर्माण किया गया था। इसके अलावा यह भी मान्‍यता है कि माता पार्वती ने भी शिव को पाने के लिए यहीं पर तपस्‍या की थी। तुंगनाथ मंदिर के आसपास नवंबर के बाद से ही बर्फ का सुंदर नजारा दिखने लगता है। जहां तक नजरें जाती हैं वहां तक मखमली घास और पर्वत और आसपास बर्फ देखकर यूं लगता है जैसे बर्फ की चादर बिछी हो। यह नजारा इस जगह को और भी ज्‍यादा खूबसूरत बना देता है। साथ ही खिले हुए बुरांश के फूल जिन्‍हें देखकर आपकी नजरें ही नहीं हटेंगी उनसे। यूं तो मई से नवंबर तक कभी भी तुंगनाथ के दर्शनों के लिए जा सकते हैं। लेकिन जनवरी और फरवरी का समय यहां पर लोगों को काफी पसंद आता है। इस दौरान यहां पर खूब बर्फ होती है। 'तुंगनाथ' के दर्शन करने के लिए ऋषिकेश से गोपेश्‍वर होकर चोपता जाना होगा। इसके बाद 'तुंगनाथ' के लिए स्‍थानीय साधन मिल जाते हैं। इसके अलावा दूसरा रास्‍ता ऋषिकेश से ऊखीमठ होकर जाता है। ऊखीमठ से भी चोपता जाना होगा उसके बाद 'तुंगनाथ' मंदिर के लिए साधन मिल जाते हैं।

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