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हरिद्वार कुम्भ अतिक्रमण चिह्नित करते हुए क्षेत्र को मेला प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण मुक्त बनाएं : आईजी कुम्भ


पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला 2021 द्वारा CcR सभागार में समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी एवम सेक्टर प्रभारीगण की रिव्यु गोष्ठी ली गई।

आज दिनांक: 29.12.2020, संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला 2021 द्वारा CcR सभागार में समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी एवम सेक्टर प्रभारीगण की रिव्यु गोष्ठी ली गई। रिव्यु गोष्ठी में मेला आईजी के द्वारा पूर्व में हुई गोष्ठी के दौरान समस्त सेक्टर प्रभारियों को कुम्भ मेला पुलिस व्यवस्था से सम्बंधित दिए गए टास्क और निर्देशों के सम्बंध में अब तक की गई कार्यवाही के सम्बंध में जानकारी प्राप्त की गई। मेला आईजी ने कुछ सेक्टर प्रभारियों द्वारा निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन न किये जाने पर खेद जताया और अग्रिम गोष्ठी तक समस्त निर्देशों का शतप्रतिशत पालन सुनिश्चित किये जाने के आदेश दिए। इसके पश्चात मेला आईजी निर्देशित किया गया कि सभी सेक्टर प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स की लिस्ट बनाकर उपलब्ध कराएं तथा उनसे निरंतर वार्ता कर परस्पर समन्वय बनाते हुए पुलिस व्यवस्था में सहयोग प्राप्त करें। अपने- अपने सेक्टर में अतिक्रमण चिह्नित करते हुए क्षेत्र को मेला प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण मुक्त बनाएं। अपने-अपने क्षेत्र में गूगल मैप पर भी अस्थाई-स्थाई अतिक्रमण को चिन्हित कर उपलब्ध कराएं ताकि समय से कार्यवाही की जा सके। मेला आईजी द्वारा घरेलू नोकर, मजदूर, किराएदार, रहेड़ी, फड़ विक्रेता एवम मेला क्षेत्र में रह रहे अन्य बाहरी लोगों के चरित्र सत्यापन के लिये स्वतंत्र "कुम्भ मेला सत्यापन प्रकोष्ठ" के गठन के लिये कुम्भ मेला एसएसपी को निर्देशित किया। सभी सेक्टर प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र का मेला ड्यूटी चार्ट, यातायात योजना एवं होल्डअप प्लान तैयार उपलब्ध कराने हेतु कहा। साथ ही साथ उन स्ट्रेटजिक महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित करने हेतु कहा जहाँ CCTV लगाए जाने की आवश्यकता है। आगामी कुम्भ मेला में आगमन करने वाले पुलिस बल को अधिक से अधिक संख्या में स्थायी निर्माणों में आवासीत करने के लिये सरकारी स्कूल एवं अन्य सरकारी भवनों, आश्रमों, धर्मशालाओं, होटल, लॉज आदि का चयन कर सूची उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया। विभिन मंदिरों, आश्रमों में जहाँ मेले के दौरान भीड़ ज्यादा होती हो, वहां पर आने-जाने के अलग-अलग मार्ग निर्धारित करायें और अगर हो सके तो जुता स्टाल अलग बनवाने हेतु उपर्युक्त स्थान का चयन करें। मेला आईजी द्वारा कहा गया कि अभी तक जो भी पुलिस बल मेला ड्यूटी हेतु आया है उनकी अनुशासनहीनता की कोई शिकायत प्राप्त नही हुई है। कुम्भ मेला में घटित प्रत्येक घटना की चर्चा सिर्फ हरिद्वार शहर तक सीमित न रह कर राज्य, राष्ट्रीय एवम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होती है। अतः सॉफ्ट स्किल विकास में प्रशिक्षण लगातार प्रदान करे। सभी सेक्टर प्रभारी यह भी सुनिश्चित करें कि भविष्य में भी मेला पुलिस इसी प्रकार का आत्म अनुशासन और कुम्भ नगरी हरिद्वार की प्रकृति अनुरूप अपने आचरण की सुचिता बनाये रखे। अपने अधीनस्थ पुलिस बल से लगातार वार्ता करते हुए उनसे तालमेल बनाकर रखें। उनकी समस्याओं और सुझावों के बारे में जानकारी प्राप्त करे, जिन समस्याओं का निराकरण आपके स्तर से हो सकता है उनका निराकरण शीघ्र करें। शेष समस्याओं से उच्चाधिकारिगण को शीघ्र अवगत कराएं। इसके अलावा मेला व्यवस्था से सम्बंधित जो भी आवश्यक दिशा-निर्देश उच्चाधिकारीगण द्वारा दिए जाते हैं वह निचले स्तर के जवान तक भी पहुंचाना सुनिश्चित करें। अपने-अपने क्षेत्र में आम जनों से मधुर संबंध में स्थापित करें और वहां घटित होने वाले अपराधों जैसे अवैध शराब बिक्री, जुड़ा, छेड़खानी आदि घटनाओं पर जन सहयोग से अंकुश लगाएं। मेला पुलिस एवम जन सामान्य के मध्य किसी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न ना होने दें। आगामी 14 जनवरी के मकर संक्रांति स्नान पर्व ड्यूटी के लिए स्वयं को और अपने अधीनस्थ पुलिस बल को मानसिक एवम शारिरिक तौर से तैयार करें। एसएसपी कुंभ मेला ने कहा कि सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र में स्टेकहोल्डर्स से तालमेल बनाएं, अपने क्षेत्र की सीमाओं को चिन्हित करें, पुलिस बल को आवासित करने के लिए स्टेकहोल्डर की सहायता प्राप्त करें, भौगोलिक स्थिति को समझें। मेले के दौरान क्षेत्र में क्या-क्या परेशानियां आ सकती हैं उनको समझें। कुंभ के दौरान जनपद पुलिस पर निर्भरता कम से कम रखें। इसके अलावा उच्चाधिकारियों के स्तर से जो भी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं उनका तत्काल और पूरी तरह से पालन करें। इसके अतिरिक्त आपके क्षेत्र में कुंभ मेला निर्माण से संबंधित जो भी कार्य चल रहे हैं उनको लगातार देखते रहें, कार्य कर रही कार्यदाई संस्था के अधिकारीगण के सम्पर्क में रहे और कार्य को कुम्भ मेला पुलिस व्यवस्था अनुरूप पूर्ण कराए जाना सुनिश्चित करें। यदि कोई निर्माण कार्य इस प्रकार का हो रहा है जो भविष्य में मेला पुलिस व्यवस्था में बाधक साबित हो सकता है तो उसे तत्काल उच्चाधिकारिगण के संज्ञान में लाएं।

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