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श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल की संपत्ति को खुर्दबुर्द नहीं होने दिया जाएगा-श्रीमहंत ज्ञानदेव


कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल संतों महंतों ने पंजाब में रेशम सिंह को निर्मल अखाड़े का श्रीमहंत घोषित किए जाने को पूरी तरह गलत व नियम विरूद्ध करार दिया है। अखाड़े में हुए संतों की बैठक को संबोधित करते हुए अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि अखाड़े की संपत्ति को खुर्दबुर्द करने की नीयत से नियमो के खिलाफ अखाड़े के श्रीमहंत की घोषणा की गयी।

हरिद्वार, 20 अगस्त। कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल संतों महंतों ने पंजाब में रेशम सिंह को निर्मल अखाड़े का श्रीमहंत घोषित किए जाने को पूरी तरह गलत व नियम विरूद्ध करार दिया है। अखाड़े में हुए संतों की बैठक को संबोधित करते हुए अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि अखाड़े की संपत्ति को खुर्दबुर्द करने की नीयत से नियमो के खिलाफ अखाड़े के श्रीमहंत की घोषणा की गयी। उन्होंने कहा कि बाबा कश्मीर सिंह भूरी वाले अखाड़े की संपत्ति को कब्जाने की नीयत से लगातार इस तरह के प्रपंच रहे हैं। इसके पूर्व भी अखाड़े व एक्कड़ कला स्थित अखाड़े की संपत्ति को कब्जाने का प्रयास किया जा चुका है। अखाड़े की संपत्ति को किसी भी दशा में खुर्दबुर्द नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखाड़े के नियमों के अनुसार बैठक बुलाने का अधिकार केवल अध्यक्ष को ही है। कश्मीर सिंह भूरी वाले व उनसे जुड़े कथित संत शुरू से ही फर्जी काम करते चले आ रहे हैं। श्रीमहंत ज्ञानदेव ंिसंह ने यी भी आरोप लगाया कि श्रीमहंत घोषित किए जाने के दौरान निर्मल भेख से जुड़ा कोई भी संत मौजूद नहीं था। ना ही किसी अन्य अखाड़े व आश्रम का कोई संत इसमें शामिल हुआ। निर्मल अखाड़ा एक रजिस्ट्रर्ड संस्था है। बिना पदाधिकारियों की सहमति के कोई मीटींग नहीं हो सकती है। मीटींग बुलाने का अधिकार भी केवल अखाड़े अध्यक्ष को है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखाड़े की जमीनों को निजी इस्तेमाल के लिए फर्जी तरीके से अपने नाम कराने के प्रयासों के चलते महंत की घोषणा की गयी है। इसको लेकर निर्मल अखाड़े के संत कानूनी कार्रवाई करेंगे। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि अखाड़े की संपत्ति हथियाने के लिए कश्मीर सिंह भूरी वाले गुट के कथित संत इसके पूर्व भी दो बार अखाड़े के श्रीमहंत नियुक्त कर चुके हैं। संपत्ति हथियाने के लिए लगातार गलत तरीके से नियमों को खुला उल्लंघन किया जा रहा है। जल्द ही निर्मल अखाड़े के प्रतिनिधि मण्डल अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज से मिलकर उन्हें पूरे मामले की जानकारी भी देगा। ऐसे फर्जी संतों को हरिद्वार में 2021 में होने वाले महाकुंभ में घुसने नहीं दिया जाएगा। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने बताया कि 22 अगस्त को जालन्ध में निर्मल अखाड़े के संतों महंतों की अहम बैठक बुलायी गयी है। बैठक में देश भर के निर्मल सम्प्रदाय के संत महंत भाग लेंगे। बैठक में फर्जी तरीके से अखाड़े का महंत नियुक्त किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। महंत सतनाम सिंह व मुखिया महंत लक्ष्मण सिंह ने कहा कि जो भी संत ऐसे लोगों का साथ दे रहे हैं। उन संतों का निर्मल अखाड़ा बहिष्कार करेगा तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। बाबा कश्मीर सिंह भूरी वाले ऐसे कार्य कर लगातार निर्मल भेख की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। संतों की मान मर्यादाओं को तार तार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है। निर्मल अखाड़े के संत सदैव ही मनुष्य कल्याण में अपना योगदान देते चले आ रहे हैं। संत का व्यक्तित्व ही उसकी पहचान होता है। बैठक में विरोध करने वालों में संत रोहित सिंह, महंत ज्ञानसिंह, महंत खेमसिंह, संत सुखमन सिंह, संत संदीप सिंह, ज्ञानी अमरजीत सिंह, महंत अमनदीप सिंह, महंत दर्शन सिंह, संत देवेंद्र सिंह, संत भूपेंद्र सिंह, मुखिया महंत लक्ष्मण सिंह, कमलजीत सिंह आदि संत महंत मौजूद रहे।

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