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वह गुरु सबसे महान होते है जो अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं


गुरू पूर्णिमा पर्व के अवसर पर तीर्थ नगरी के आश्रमों में गुरु पूजा की गयी लाॅक डाउन के चलते सभी आश्रमों में सोशल डिस्टैंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया गीता कुटीर,भारत माता मंदिर, अजरानन्द अन्ध विद्यालय, हरिहर आश्रम, हर मिलाप भवन, जयराम आश्रम, जगन्नाथ धाम, सीताराम धाम, चेतन ज्योति आश्रम, दक्षिण काली मन्दिर, गरीबदासी आश्रम, निरंजनी अखाड़ा, अवधूत मंडल आश्रम, में गुरु पूजा कर मनाया गया आज गुरु पूर्णिमा है। उस गुरु की महिमा का बखान करने का दिन, जो हमें भगवान और सृष्टि से रुबरु कराता है। जो हमें जीवन जीना सिखाता है। जो दुनियादारी की हकीकतों से हमें वाकिफ कराता है। गुरु हमारी बंद आंखें खोलता है, ताकि हम अच्छा और बुरा का भेद जान सकें।

हरिद्वार, 05 जुलाई। गुरू पूर्णिमा पर्व के अवसर पर तीर्थ नगरी के आश्रमों में गुरु पूजा की गयी लाॅक डाउन के चलते सभी आश्रमों में सोशल डिस्टैंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया गीता कुटीर,भारत माता मंदिर, अजरानन्द अन्ध विद्यालय, हरिहर आश्रम, हर मिलाप भवन, जयराम आश्रम, जगन्नाथ धाम, सीताराम धाम, चेतन ज्योति आश्रम, दक्षिण काली मन्दिर, गरीबदासी आश्रम, निरंजनी अखाड़ा, अवधूत मंडल आश्रम, में गुरु पूजा कर मनाया गया आज गुरु पूर्णिमा है। उस गुरु की महिमा का बखान करने का दिन, जो हमें भगवान और सृष्टि से रुबरु कराता है। जो हमें जीवन जीना सिखाता है। जो दुनियादारी की हकीकतों से हमें वाकिफ कराता है। गुरु हमारी बंद आंखें खोलता है, ताकि हम अच्छा और बुरा का भेद जान सकें। अखंड मंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरं, तत्पदंदर्शितं एनं तस्मै श्री गुरुवे नमरू अर्थात यह श्रृष्टि अखंड मंडलाकार है। बिंदु से लेकर सारी सृष्टि को चलाने वाली अनंत शक्ति का, जो परमेश्वर तत्व है, वहां तक सहज संबंध है। इस संबंध को जिनके चरणों में बैठ कर समझने की अनुभूति पाने का प्रयास करते हैं, वही गुरु है। जैसे सूर्य के ताप से तपती भूमि को वर्षा से शीतलता और फसल पैदा करने की ताकत मिलती है, वैसे ही गुरु-चरणों में शिष्यों को ज्ञान, शान्ति, भक्ति और यो शक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है गुरु अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। वे संसार में न रहते हुए भी अपनी अनुकम्पा और आशीष सदैव श्रद्धालु भक्तों पर बनाये रखते हैं।

रामेश्वर गौड़

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