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उत्तराखण्ड में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा दे सरकार-ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी


जयराम आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी को 13 अखाड़ों के संत महापुरूषों ने अपनी ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें महान संत बताया।

जयराम आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी को 13 अखाड़ों के संत महापुरूषों ने अपनी ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें महान संत बताया। इस दौरान बड़ी संख्या में संत समाज के साथ साथ राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ंिसह रावत ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी तपस्वी संत तथा त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। उनके बताए हुए मार्गो का अनुसरण करते हुए स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्रहित में किए गए योगदान अवश्य ही प्रसिद्धि दिलाने के माध्यम होते हैं। संत समाज सदैव ही धार्मिक क्रियाकलापों से अवगत कराता चला आ रहा है। त्रिवंेंद्र सिंह रावत ने श्रद्धांजलि सभा में संतों के समक्ष यह भी घोषणा की कि 2021 महाकुंभ मेले की व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से लागू करायी जाएंगी। संत समाज के आशीर्वाद से महाकुंभ को निर्विघ्न संपन्न कराया जाएगा। सरकार कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लागू कराने को कटिबद्ध है। उन्होंने ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि जयराम आश्रम से संचालित सेवा के प्रकल्पों का लाभ गरीब, असहाय, निर्धन परिवारों को मिल रहा है। सामाजिक क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान जयराम आश्रम का है। उन्होंने ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी को समाज सेवा का पुरोधा बताया। स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने हमेशा ही सेवा के प्रकल्पों को संचालित रख मानव सेवा का संदेश दिया। उनके अधूरे कार्यो को ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। 140 वर्ष पुरानी संस्था समाज सेवा के प्रकल्पों को हरा भरा बनाने का अभियान चला रही है। गुरू के आशीर्वाद से ही संस्कृति, संस्कार, गौसेवा, समाज के प्रति समर्पित भाव की तरह अपनी कार्य योजनओं को संचालित करना है। उन्होंने कहा कि सेवा से ही ट्रस्ट को देश भर में पहचान मिली है। शिक्षा स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाई जा रही है। स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रशंसा करते हुए कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत हमेशा ही संत समाज से लगाव रखते हैं। स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने की मांग भी की। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी को पुण्य आत्मा बताते हुए कहा कि उनके सेवा के प्रकल्प आज भी समाज को गति प्रदान कर रहे हैं। समाज सेवा में दिया गया योगदान अवश्य ही लाभदायक होता है। संत समाज अपनी वाणी से श्रद्धालु भक्तों को हमेशा ही धार्मिक क्रियाकलापों से अवगत कराने का काम करता चला आ रहा है। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत रघुमुनि महाराज ने कहा कि संत के जीवन से समाज को प्रेरणा मिलती है। मीठी वाणी ही संत को भक्तों में प्रसिद्धि दिलाती है। ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी ने सनातन परंपराओं का निर्वहन देश भर में किया। सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। संस्कृत, संस्कृति, संस्कार के लिए जीवन समर्पित करने वाले ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी अध्यात्म जगत के पुरोधा थे। स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य कल्याण में संत समाज निर्णायक भूमिका निभाता चला आ रहा है। ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी ने हमेशा ही निर्धन परिवारों के उत्थान में हमेशा ही अपना योगदान दिया। उनके द्वारा चलाए जा रहे सेवा प्रकल्पों को स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी देश भर में चला रहे हैं। जयराम आश्रम ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 लाख 25 हजार धनराशि का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा गया। ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। स्कूल के बच्चों द्वारा ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कुरूक्षेत्र के मेधावी छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति के चेक भी वितरित किए गए। इस अवसर पर म.म.स्वामी प्रखर महाराज, म.म.स्वामी असंगानंद, म.म.स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, महंत देवानंद सरस्वती, महंत जसविन्दर सिंह, म.म.स्वामी प्रेमानंद, म.म.स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती, स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री, स्वामी ललितानंद गिरी, बाबा हठयोगी, महंत शिवशंकर गिरी, महंत निर्मलदास, महंत प्रेमदास, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत जमनादास, पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, महंत साधनानंद, महंत श्यामप्रकाश, श्रीमहंत विनोद गिरी, महंत डोगर गिरी, स्वामी रामरतन गिरी, महंत दिनेश दास, विधायक यतीश्वरानंद, विधायक संजय गुप्ता, विधायक आदेश चैहान, मेयर अनिता शर्मा, ओमप्रकाश जमदग्नि, पुरूषोत्तम शर्मा, प्रदीप चैधरी, डा.संजय पालीवाल, पार्षद कैलाश भट्ट, महावीर वशिष्ठ, सुशील चैहान, विकास तिवारी, नरेश शर्मा आदि अनेक संत महापुरूष व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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