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स्वामी ललितानंद गिरी बने पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर


कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के सानिध्य में भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन म.म.स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के शिष्य स्वामी ललितानंद गिरी महाराज का निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया।

हरिद्वार, 9 मार्च। श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के पंच परमेश्वर की अध्यक्षता एवं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी एवं अखाड़े के सचिव व कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के सानिध्य में भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन म.म.स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के शिष्य स्वामी ललितानंद गिरी महाराज का निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज एवं सभी तेरह अखाड़ों के संतों ने तिलक चादर भेंटकर विधि-विधान से उनका पट्टाभिषेक कर निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया। तपोनिधि श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी की छावनी में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि स्वामी ललितानंद गिरी विद्वान महापुरुष हैं। स्वामी ललितानंद गिरी निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर के रूप में संपूर्ण भारत में भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार कर अखाड़े की परंपराओं को मजबूती प्रदान करने का कार्य करेंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि कुंभ मेला भारतीय संस्कृति का शिखर पर्व है। भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के समाजोत्थान में योगदान करें। आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने कहा कि स्वामी ललितानंद गिरी महाराज अखाड़े की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कहा कि कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। स्वामी ललितानंद गिरी महाराज के महामण्डलेश्वर बनने से धर्म के प्रचार प्रसार में निरंजनी अखाड़े की भूमिका ओर बड़ी होगी। कुंभ मेले के अवसर पर महामण्डलेश्वर पद पर आसनी होना गौरव की बात है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत रविद्रपुरी महाराज ने कहा कि संतों का जीवन सदैव सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहता है। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी अपनी वाणी और उपदेशों से समाज को धर्म के प्रति जागृत कर युवा संतों के प्रेरणा स्रोत बनेंगे। श्रीमहंत रामरातन गिरी महाराज ने कहा कि संतों का जीवन समाज को नई दिशा प्रदान कर समरसता का भाव जागृत करना होता है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज ने कहा कि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर और श्रीमहंतों द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया जायेगा। जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि अखाड़ा परंपरा में योग्य संत को ही महामण्डलेश्वर के पद पर अभिसिक्त किया जाता है। स्वामी ललितानंद गिरी महामण्डलेश्वर पद के सर्वथा योग्य संत हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, मेलाधिकारी दीपक रावत, अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने भी पट्टाभिषेक समारोह में पहुंचकर नवनियुक्त महामंडलेश्वर का स्वागत कर संतों से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर माता संतोषी, श्रीमहंत मनीष भारती, श्रीमहंत केशवपुरी, श्रीमहंत नरेश गिरी, महंत व्यासमुनि, श्रीमहंत दिनेश गिरी, श्रीमहंत लखन गिरी, श्रीमहंत सत्य गिरी, महंत शंकरानंद सरस्वती, महंत विष्णुदास, सतपाल ब्रह्मचारी, म.म.स्वामी गंगाराम शास्त्री, महंत रघुवीरदास, श्रीमहंत ओमकार गिरी, महंत सुखदेव पुरी, महंत शिववन, महंत रविपुरी, दिगंबर बलवीर पुरी, राकेश गिरी, राजेन्द्र भारती, राज गिरी, जयराम आश्रम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, म.म.स्वामी हरिचेतनानंद, जूना अखाड़ा के श्रीमहंत प्रेम गिरी महाराज, स्वामी देवानंद, महंत कमलदास, स्वामी रघुवन, स्वामी अनुरागी, दिगंबर बलबीर पुरी, स्वामी विष्णु चैतन्य, महंत विद्यानंद तीर्थ, महंत दामोदर दास, डा.नवनीत सहित सभी 13 अखाड़ो के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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