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वेदांत सम्मेलन गंगा में श्रृद्धांजलि अर्पित के साथ पूर्णता को प्राप्त हुआ


नवम्बर, टाट वाले बाबा जी के 30 वे वार्षिक वेदांत सम्मेलन में आज भक्ति एवं वेदांत की गंगा में श्रृद्धांजलि अर्पित के साथ पूर्णता को प्राप्त हुआ। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता गरीब दासीय आश्रम के डॉक्टर महंत हरिहरानंद महाराज ने की।

हरिद्वार 22 नवम्बर, टाट वाले बाबा जी के 30 वे वार्षिक वेदांत सम्मेलन में आज भक्ति एवं वेदांत की गंगा में श्रृद्धांजलि अर्पित के साथ पूर्णता को प्राप्त हुआ। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता गरीब दासीय आश्रम के डॉक्टर महंत हरिहरानंद महाराज ने की। कार्यक्रम का सफल संचालन एस एम जे एन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुनील कुमार बत्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्रद्धांजलि देने हेतु मंचासीन अनेक महामंडलेश्वर महंत एवं संत उपस्थित थे।।इस अवसर पर उपस्थित गंगोत्री धाम के रावल शिव प्रकाश महाराज ने कहा की टाट वाले बाबा गंगा जी के अनन्य उपासक थे उन्होंने गंगा के तट पर रहकर हमेशा गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता का संदेश जन-जन को दिया और इसी का परिणाम यह है कि आज भी टाट वाले बाबा के श्रद्धालु पूर्ण निष्ठा के साथ मां गंगा की निर्मलता एवं अविरलता का ध्यान रखते हैं। महंत कृष्ण स्वरूप ने टाट वाले बाबा को स्मरण करते हुए कहा कि इस युग में इस तरह के संत का दर्शन बहुत पुण्य कर्मों के द्वारा ही प्राप्त होता हैं। भागवताचार्य महंत रवि देव शास्त्री ने टाट वाले बाबा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा की उनके गुरु ब्रह्मलीन डॉ श्याम सुंदर शास्त्री भी टाट वाले बाबा को ठाट वाले बाबा के नाम से संबोधित करते थे ।वास्तव में टाट वाले बाबा वीतरागी एवं भौतिक सुख साधनों से दूर रहने वाले थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी रुपए पैसे धन का स्पर्श नहीं किया।।इस अवसर पर स्वामी अरुण दास, टाट वाले बाबा जी के परम शिष्य स्वामी विजयानंद, भगत हरिहरानंद, महंत श्री शिवप्रसाद, महंत श्री सूर्य देव, महंत जगजीत सिंह आदि संतों ने टाट वाले बाबा, स्वामी जगदीश मुनि, समाधि सेविका माता लक्ष्मी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं डॉक्टर हरिहरानंद ने टाट वाले बाबा को इस सदी का सबसे विलक्षण संत बताया उन्होंने कहा की टाट वाले बाबा के वार्षिक श्रद्धांजलि सभा में इतने अधिक संतों का स्वयमेव आना इस बात को इंगित करता है की वह इस युग के महान संत थे। उन्होंने कहा कि उनके गुरु डॉ श्याम सुंदर शास्त्री जी भी उनके परम प्रशंसकों में से एक थे। उन्होंने कहा इस वर्ष एक-एक करके कई महान संतों का इस लोक को छोड़कर ब्रह्मलोक में जाना वास्तव में दुखदाई है उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में डॉक्टर सत्यमित्रानंद , स्वामी हंसदेवाचार्य , एवं डॉ श्याम सुंदर शास्त्री जी का वैकुंठ धाम जाना वास्तव में हमारे लिए एक दुखद घड़ी है। टाट वाले बाबा की लिखी पुस्तक असंभव कुछ नहीं सब संभव है वास्तव में सभी समस्याओं का हल इस पुस्तक में मिल जाता है यह एक अलौकिक ग्रंथ हैं। महंत दिनेश दास ने गुरु चरणों में श्रद्धा वंदन करके कहा कि सद्गुरु से जो चाहोगे वह प्राप्त करोगे। उन्होंने एक भजन भी सद्गुरु के चरणों में अर्पित किया। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री एवं मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष संजय चोपड़ा के द्वारा भी टाट वाले बाबा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई उन्होंने कहा कि जब वह छोटे थे तब वह बिरला घाट पर आते थे तथा बाबाजी उनको अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्यायाम करने हेतु प्रेरित किया करते थे। मातृशक्ति की ओर से माता कृष्ण मयी मां, सुश्री महेश देवी ,श्रीमती मधु गौड़ ,सुश्री भावना गौड़,रचना मिश्रा,ए के सेठी, माता प्रणव भारती ,रुकमणी देवी ,अमृत कौर ,गूलर वाला से पधारे मेहता ,शीला,नीरजा , दर्शन ,श्रीमती मुन्नी देवी श्रीमती सुदर्शन श्रीमती अंजू आदि द्वारा भी श्रृद्धा सुमन एवं भजन के द्वारा अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित की गई। इस अवसर पर गुरु चरण अनुरागी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती रचना मिश्रा ,एस के बोहरा, विजय शर्मा ,सुनील सोनेजा, सुनील कोहली विजय कोहली, पवन ,महिंद्र, पाल बाबा ,जडू, महेंद्र , कमल ,पीतांबर , संजय कुमार बत्रा, विनोद अरोड़ा, मधु गौड़, सुश्री महेश देवी, भावना गौड़,आनंद सागर, उदित गोयल, सुरेंद्र खत्री, योगेश अरोड़ा ,ईश्वर चंद तनेजा,स्वामी कन्हैया लाल, रमा बोहरा,अनिल गौड़ डॉ अशोक पालीवाल ,हरिराम कुमार पूर्व सभासद राज दुलारी, माता सुषमा चंदवानी, मीनू गौड़, मोना अरोड़ा ,नंदलाल सोनेजा किशन चंद, गुलशन अरोड़ा ,आनंद सागर, रश्मि शर्मा ,डॉ रमेश गोयल श्रीमती राज चड्ढा ,ओमी , साध्वी किरण ,रामकृष्ण गूलर वाले, कुक्कू, रमेश ,ए के सेठी, जानू देवी ,उमा बर्मन आदि अनेकों श्रृद्धालु गण उपस्थित रहे।

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