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श्री गीता कुटीर हरिद्वार में पंच दिवसीय मेगा दृष्टि शिविर का चतुर्थ 575 रोगियों की जांच


ऑपरेशन नाम से सफेद मोतिया के रोगी टोटके जड़ी बूटियों का प्रयोग कर आंखें और भी खराब कर लेते हैं। अच्छा और अंतिम उपाय आपरेशन ही है|

परम पूज्य महाराज श्री सद्गुरू देव जी की कृपा एवं मंथन आई हैल्थ केयर फाऊंडेशन तथा आरोग्य विजन फाऊंडेशन के सौजन्य से श्री गीता कुटीर हरिद्वार में पंच दिवसीय मेगा दृष्टि शिविर का चतुर्थ 575 रोगियों की जांच ऑपरेशन नाम से सफेद मोतिया के रोगी टोटके जड़ी बूटियों का प्रयोग कर आंखें और भी खराब कर लेते हैं। अच्छा और अंतिम उपाय आपरेशन ही है बिना दर्द धीरे-धीरे धुंधली दृष्टि या लाइट के चारों ओर फैलता रंगीन प्रकाश घेरा हो सकता है सफेद मोतिया, नेत्र चिकित्सक से मिलें: डॉ. सुमित ग्रोवर हरिद्वार (हेमंत दीवान छायाकार, संवाददाता)। बढ़ती-ढ़लती आयु के साथ बाल सफेद हो जाते हैं और भी अंगों में शिथिलता आती है, वैसे ही 55-60 के बाद आंखों के अंदर का लैंस भी सफेद हो जाता है, जिसके लिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं होती। इसी को सफेद मोतिया या कैटरेक्ट कह देते हैं। आपरेशन ही इसका उपाय है जिससे बड़ी सरलतापूर्वक उस धुंधले लैंस को निकालकर नया लैंस डाल दिया जाता है। कुछ पुरानी भ्रांतियां है, जैसे कि अमुक-अमुक दवाई खा लेने से या जड़ी बूटियों से मोतियाबिंद ठीक हो जाता है? योग आसन, व्यायाम आदि यदि प्रारंभ से ही हम कर रहे हैं और शरीर हमारा स्वस्थ है, तब संभावना है कि थोड़ा देरी से हो। सोचो लोहे के गॉर्डर से बने मजबूत फ्लाईओवर भी 70-80 वर्ष में ढह जाते हैं अथवा रिपेयरिंग मांगते हैं? तो यह नाजुक लैंस भला पक भी गया तो इसके लिए बड़े-बड़े दावे ठोकने की क्या आवश्यकता? आजकल तो बच्चों में और क्या बताएं न्यू बॉर्न बच्चों में भी सफेदद मोतिया मिल रहा है? कोई इंजरी अर्थात् चोट लग जाने से किसी विशेष प्रकार की दवाइयों का सेवन जैसे स्टेराइड या एंटी एलर्जिक दवाइयां अधिक खा लेने से भी जल्दी हो सकता है। क्लाऊडी अनक्लीयर दिखने लगे तो संकोच मत करें, नेत्र चिकित्सक को अवश्य मिलें। श्री गीता कुटीर तपोवन हरिद्वार में आयोजित पंच दिवसीय मेगा दृष्टि सेवा शिविर में आज चौथे दिन परम पूज्य चरण श्री तपोवन विहारी सद्गुरूदेव जी महाराज की कृपा एवं पूज्य डॉ.स्वामी दिव्यानंद जी महाराज के सानिध्य में मंथन आई हेल्थ केयर फाऊंडेशन एवं आरोग्य विजन फाऊँडेशन के सौजन्य से आयोजित शिविर में प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुमित ग्रोवर ने कहा कि अब तो डे केयर स्कूल की भांति अच्छे हस्पताल आरामदायक सिस्टम बन गए हैं। आधुनिक ढंग से टांका, बैंडेज नहीं। यूं कोई भर्ती नहीं होना पड़ता। बस सप्ताह भर के लिएि थोड़ा सावधानी रखी जाती है। बड़ी पुरानी है यह बीमारी और तब से अब तक नए-नए बहुत एडवांस ढंग आ गए हैं। आज इस अवसर पर हरिद्वार से निगम आयुक्त दयानंद सरस्वती ने ज्योति प्रज्ज्वलन कर महाराज से आशीर्वाद लिया तथा शिविर का निरीक्षण किया।

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