सेना दिवस व मकर संक्रान्ति पर परमार्थ निकेतन में शिवाभिषेक, भारत की अखंडता व विश्व शांति के लिए हुई विशेष प्रार्थना

ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में 78वें सेना दिवस और मकर संक्रान्ति के पावन अवसर पर वेद मंत्रोच्चार, शिवाभिषेक एवं विश्व शांति प्रार्थना का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के सान्निध्य में गुरुकुल के ऋषिकुमारों, पुरोहितों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भारत माता की सुख-समृद्धि, सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्र की अखंडता के लिए विशेष पूजा-अर्चना की।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारतीय सेना केवल सीमाओं की नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, अस्मिता और स्वाभिमान की प्रहरी है। हमारे सैनिक वेतन के लिए नहीं, बल्कि वतन के लिए जीते हैं और उनका जीवन त्याग, तप और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है।

उन्होंने शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान हमारी सांसों में बसे स्वाभिमान की नींव है और उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए शाश्वत प्रेरणा बनी रहेगी।

इस अवसर पर विश्व शांति, राष्ट्र की सुरक्षा और सैनिकों की सलामती के लिए सामूहिक प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। जय हिन्द, जय हिन्द की सेना।