
स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से ✍️
“हरिद्वार को अमृत क्षेत्र घोषित किया जाए”
साध्वी प्राची की प्रेस वार्ता से तीर्थ नगरी में मचा सियासी–धार्मिक भूचाल
हरिद्वार।हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में साध्वी प्राची ने हरिद्वार तीर्थ की पवित्रता, मर्यादा और ऐतिहासिक नियमों को लेकर ऐसा मुद्दा उठाया, जिसने एक बार फिर तीर्थ नगरी की पहचान, प्रशासनिक विफलता और नियम–कानून के पालन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
“हरिद्वार हिंदुओं का सबसे बड़ा तीर्थ है”
“हरिद्वार हिंदुओं का सबसे बड़ा तीर्थ है”
गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की पुरज़ोर मांग
साध्वी प्राची ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
“जैसे अन्य धर्मों के अपने-अपने तीर्थ हैं, जहां हिंदुओं का जाना वर्जित है, उसी प्रकार हरिद्वार भी हिंदुओं का सबसे पवित्र तीर्थ है, जहां मां गंगा की दिव्य और अमृतधारा बहती है। ऐसे पावन स्थल पर गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होना चाहिए।”
उन्होंने हरिद्वार को “अमृत क्षेत्र” घोषित करने की मांग उठाई।
बांग्लादेशी व रोहिंग्या की जांच की मांग
धर्मनगरी की सुरक्षा और पहचान का मुद्दा
प्रेस वार्ता के दौरान साध्वी प्राची ने यह भी कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की गहन जांच कर उन्हें धर्मनगरी से बाहर किया जाए, ताकि हरिद्वार की सामाजिक और धार्मिक संरचना सुरक्षित रह सके।
हर की पौड़ी पर महिलाओं की गरिमा का सवाल
स्नान करती श्रद्धालु महिलाओं को देखने का आरोप
साध्वी प्राची ने एक हालिया घटना का उल्लेख करते हुए कहा किदिल्ली से आई कुछ हिंदू श्रद्धालु महिलाएं हर की पौड़ी पर मां गंगा में स्नान कर रही थीं, उसी दौरान कुछ गैर हिंदू लोग पुल पर खड़े होकर उन्हें देख रहे थे।उन्होंने कहा कि
“ऐसे पवित्र स्थान पर ऐसी घटनाएं असहनीय हैं और इन्हें रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
अंग्रेजों के जमाने से लागू नियम—पर पालन शून्य
नगर निगम कानून सिर्फ फाइलों में?
साध्वी प्राची ने कहा कि
- अंग्रेजों के समय से ही नगर निगम के कानूनों में हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है,
- लेकिन प्रशासन और शासन इन नियमों को लागू करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।
जमीन, संपत्ति और वोटर लिस्ट पर सवाल
भीमगोडा सहित कई वार्डों में गैर हिंदुओं के नाम!
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
- नगर निगम के नियमों के अनुसार हरिद्वार तीर्थ क्षेत्र में गैर हिंदुओं द्वारा भूमि व संपत्ति खरीद पर प्रतिबंध है,
- इसके बावजूद भीमगोडा समेत कई वार्डों की वोटर लिस्ट में गैर हिंदुओं के नाम दर्ज हैं।
यह स्थिति सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करती है।
मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना, लेकिन एक बड़ी मांग
“कुंभ क्षेत्र को भी अमृत क्षेत्र घोषित किया जाए”
साध्वी प्राची ने मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिनउन्होंने मांग की कि
“संपूर्ण कुंभ क्षेत्र को अमृत क्षेत्र घोषित कर वहां गैर हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।”
सवाल प्रशासन से—कानून आखिर लागू क्यों नहीं?
नियमों की सूची लंबी, पालन शून्य
प्रेस वार्ता के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि—
- हर की पौड़ी क्षेत्र में
- क्रय-विक्रय वर्जित है
- शराब व नशा प्रतिबंधित है
- दुकानों का मुंह गंगा की ओर नहीं होना चाहिए
- स्नान घाटों पर अवैध फड़ नहीं लगनी चाहिए
- दोपहिया वाहन, साइकिल तक वर्जित हैं
लेकिन हकीकत यह है कि—👉 नगर निगम का कूड़ा ट्रैक्टर मालवीय घाट तक पहुंच जाता है,👉 अवैध फड़, दुकानें और ठेके फल-फूल रहे हैं।
तीर्थ के नाम पर व्यापार, धर्म के नाम पर बोली?
निशुल्क तख्त बने दुकानें, मंदिर बने ठेके
सबसे चौंकाने वाला सवाल यह है कि—
- यात्रियों के लिए बने निशुल्क तख्त दुकानें बन चुके हैं,
- ये तख्त लाखों रुपये में एक वर्ष के लिए उठाए जाते हैं,
- लेकिन वह पैसा नगर निगम में जमा नहीं होता—तो जाता कहां है?
हर की पौड़ी के कई भव्य मंदिर ठेके पर कैसे चल रहे हैं?बिना किसी सार्वजनिक जानकारी के मंदिरों की बोली कैसे लग जाती है?
क्या भगवान भी अब ठेके पर?
धर्म, आस्था और पवित्रता का सबसे बड़ा संकट
सबसे तीखा सवाल यही है—
“क्या अब मंदिरों में बैठे भगवान भी ठेके पर बिक रहे हैं?”
यदि ऐसा है तो यह सिर्फ कानून नहीं,धर्म, आस्था और तीर्थ की आत्मा का संकट है।
जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
धर्म बेचने वालों को जेल क्यों नहीं?
अब मांग यह है कि—
- पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो,
- दोषी अधिकारियों और माफिया पर कड़ी कार्रवाई हो,
- और यदि जरूरत पड़े तो जेल भेजा जाए।
“धर्म बचेगा तो हम बचेंगे”
तीर्थ नहीं बचेगा तो पहचान भी नहीं बचेगी
आज उठी यह आवाज सिर्फ एक प्रेस वार्ता नहीं,बल्कि यह सवाल है—👉 अगर धर्म ही नहीं बचेगा,👉 अगर तीर्थ व्यापार में बदल जाएगा, तो फिर
धर्म की रक्षा की बातें किस काम की?
✍️ स्वतंत्र पत्रकार
रामेश्वर गौड़
हरिद्वार
