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डीएम सख्त: पीएम विश्वकर्मा योजना के लंबित आवेदनों का तत्काल करें निपटारा


जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने पीएम विश्वकर्मा योजना के लंबित आवेदनों को तत्काल स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक में यह निर्देश दिए।

रिपोर्ट  - अंजना भट्ट घिल्डियाल

पौड़ी: जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने पीएम विश्वकर्मा योजना के लंबित आवेदनों को तत्काल स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक के मुख्य अंश: लंबित आवेदनों पर नाराजगी: जिलाधिकारी ने नगर निगम कोटद्वार, खंड विकास अधिकारी दुगड्डा और द्वारीखाल के स्तर पर अधिक आवेदन लंबित होने पर नाराजगी जताई और तीनों अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। त्वरित निस्तारण: उन्होंने तीनों अधिकारियों को लंबित आवेदनों का निस्तारण तत्काल करने के सख्त निर्देश दिए। लाभार्थियों को लाभ: उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का त्वरित गति से निष्पादन किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। पात्र लाभार्थियों को लाभ: उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में तत्परता दिखाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र लाभार्थी इससे वंचित न रहे। आंकड़े: बैठक में बताया गया कि जनपद में 3959 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें शहरी क्षेत्र में 2074 और ग्रामीण क्षेत्र में 1885 आवेदन शामिल हैं। उपस्थिति: बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, प्रशिक्षु पीसीएस कृष्णा त्रिपाठी और महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे। लंबित आवेदनों की संख्या: नगर निगम कोटद्वार: 1330 आवेदन खंड विकास अधिकारी दुगड्डा: 201 आवेदन खंड विकास अधिकारी द्वारीखाल: 314 आवेदन पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य: यह योजना पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को सहायता प्रदान करती है। इसमें कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता, डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन और विपणन सहायता शामिल है। अतिरिक्त जानकारी: पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को उद्यमी और आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है।

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